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श्वास पैटर्न · एकाग्रता

उज्जायी श्वास: योग की "सागर श्वास"

6 सेकंड लेना, 6 सेकंड छोड़ना, नाक से, गले में समुद्र जैसी कोमल आवाज़ के साथ।

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उज्जायी, जिसका अनुवाद अक्सर "विजयी श्वास" किया जाता है, प्रवाहमयी योग की कई शैलियों में इस्तेमाल होने वाली साँस है। गले के पिछले हिस्से को हल्का-सा संकरा करने से साँस लेते और छोड़ते, दोनों समय तट पर आती लहरों जैसी कोमल सरसराहट होती है। आवाज़ साँस को सुनाई देने लायक बनाती है, इसलिए जैसे ही साँस हड़बड़ाए या असमान हो, आपको तुरंत पता चलता है, और हवा का बहाव भी अपने आप धीमा हो जाता है।

कैसे करें

  1. सीधे बैठें और मुँह बंद रखकर नाक से साँस लें।
  2. आवाज़ पाने के लिए खुले मुँह से ऐसे साँस छोड़ें जैसे शीशे पर भाप डाल रहे हों, और गले में हल्की संकरीपन महसूस करें।
  3. यह संकरीपन बनाए रखते हुए मुँह बंद करें; वही आवाज़ अब नाक से आती है।
  4. कोमल सागर जैसी आवाज़ के साथ 6 सेकंड तक साँस लें।
  5. उसी आवाज़ के साथ 6 सेकंड तक साँस छोड़ें।
  6. पाँच मिनट जारी रखें, आवाज़ इतनी धीमी रखें कि बस आप सुन सकें।

कब मदद करता है

योग में उज्जायी साँस और गति को जोड़ती है, पर जब आप केंद्रित और स्थिर महसूस करना चाहें तो स्थिर बैठकर भी उतनी ही काम आती है: पढ़ाई से पहले, किसी लंबे काम के बीच, या ध्यान की ओर पुल के रूप में। सुनाई देने वाली साँस उन सबके लिए उपयोगी लंगर है जिनका ध्यान आसानी से भटकता है।

उत्पत्ति और शोध

उज्जायी का वर्णन हठ योग प्रदीपिका समेत पारंपरिक योग ग्रंथों में है, और बाद में इसे अष्टांग और विन्यास परंपराओं के शिक्षकों ने लोकप्रिय बनाया। ख़ास तौर पर उज्जायी पर शोध सीमित है। प्रति मिनट लगभग पाँच साँसों पर की जाने वाली दूसरी धीमी तकनीकों की तरह इसे भी शांत शारीरिक अवस्था में सहायक माना जाता है, पर उज्जायी के लिए यह अलग से सिद्ध नहीं हुआ है।

सुरक्षा

बैठकर या लेटकर करें; पानी में या गाड़ी चलाते समय कभी न करें। चक्कर आए तो रुक जाएँ।

गला बस हल्का-सा सक्रिय लगे, कभी कसा हुआ या खुरदुरा नहीं। ज़ोर महसूस हो तो संकरीपन कम करें या सामान्य साँस लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आवाज़ ऊँची होनी चाहिए?
नहीं। इतनी धीमी हो कि आपके बगल में बैठा व्यक्ति मुश्किल से सुन सके।
क्या खुले मुँह से उज्जायी कर सकते हैं?
सिर्फ़ आवाज़ सीखते समय। आवाज़ मिल जाए तो मुँह बंद करें और नाक से साँस लें।
क्या योग के बाहर भी इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ, बहुत लोग बैठकर एकाग्रता के लिए इसे अपनाते हैं। बस साँस ज़ोरदार नहीं, ढीली रखें।

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