प्रकृति की ध्वनियों के साथ आराम
आधुनिक जीवन का शोर हमारे तंत्रिका तंत्र को निरंतर "लड़ो या भागो" मोड में रखता है। प्रकृति की ध्वनियाँ हमारे अवचेतन को "तुम सुरक्षित हो" का संदेश भेजती हैं।
1. आराम से बैठें या लेटें, आँखें बंद करें।
2. अपने मन में ध्वनि के स्रोत की कल्पना करें।
3. लय पर ध्यान दें और अपनी साँस को उसके साथ मिलने दें।
4. तनाव के बिंदुओं को पहचानें और हर साँस छोड़ते हुए उन्हें छोड़ें।