सात सप्ताह, सात चक्र गहराइयाँ
यह यात्रा अभी खुली नहीं है; तैयारी के चरण में है। नीचे बताया गया है कि यह कैसे बनी है और खुलने पर आपको क्या मिलेगा।
विचार सीधा है: 7-दिन चक्र यात्रा हर विषय को एक दिन देती है, जबकि यह कार्यक्रम एक पूरा हफ़्ता। सात हफ़्ते, कुल उनचास दिन। एक ही विषय पर लगातार सात दिन लौटना आपको वह दिखा देता है जो एक दिन में नहीं दिखता।
छोटा अभ्यास उस पल को आराम देता है, पर किसी आदत के जमने में समय लगता है। चालीस और उनचास दिन की अवधियाँ कई परंपराओं में मिलती हैं: सूफ़ी परंपरा में चिल्ला (चालीस दिन का एकांतवास) चालीस दिन का होता है, और तिब्बती परंपरा में मृत्यु के बाद का मध्यवर्ती काल उनचास दिन माना जाता है। यहाँ यह संख्या कोई जादू नहीं; सात विषयों को सात-सात दिन देने का स्वाभाविक नतीजा है।
कार्यक्रम की आवाज़ें Sonat Mundi की Inner Healing एल्बम शृंखला से हैं। हर हफ़्ते की रिकॉर्डिंग उस हफ़्ते के सुर पर बनी है; कुछ में पियानो ज़्यादा है, कुछ में सीधी-सादी ध्वनि बुनावट। कार्यक्रम खुलने तक आप शृंखला को Sonat Mundi के YouTube चैनल पर सुन सकते हैं।
उनचास दिन लंबा समय है। हम किसी बड़े रूपांतरण का वादा नहीं करते; नियमित रूप से रुकना और अपने को देखना सीखना ही काफ़ी क़ीमती है। "उपचार" शब्द को हम यहाँ आंतरिक शांति के अर्थ में इस्तेमाल करते हैं, किसी बीमारी के इलाज के अर्थ में नहीं।
पहले 7-दिन चक्र यात्रा पूरी कर लेना अच्छी तैयारी होगी।
निरंतरता का मतलब त्रुटिहीन होना नहीं। छूटे हुए दिन कार्यक्रम को नहीं बिगाड़ते।
ध्यान दें: यहाँ के अभ्यास आराम करने और अपने पास लौटने के लिए हैं; ये चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज नहीं हैं। अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है या आप दवा लेते हैं, तो आपके डॉक्टर की बात ही मान्य है। अभ्यास के दौरान अगर आपको बुरा लगे तो रुक जाएँ।